शिवपुरी। शिवपुरी में पदस्थ रहे डीपीसी और विवादास्पद अधिकारी शिरोमणि दुबे की शिवपुरी में फिर से पदस्थापना की तैयारी है। खबर है कि एक-दो रोज में शिरोमणि दुबे की शिवपुरी में डीपीसी बनाया जा सकता है। कोलारस उपचुनाव के समय कांग्रेस की शिकायत पर डीपीसी श्री दुबे को चुनाव आयोग ने यहां से हटा कर भोपाल पदस्थ किया गया था। कांग्रेस ने आरोप लगाए थे कि वह उपचुनाव में भाजपा के लिए काम कर रहे हैं और आरएसएस से संबंध होने के कारण वह खुलेआम भाजपा के लिए शिक्षकों की बैठकें करवा रहे हैं। इन आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने शिरोमणि दुबे को यहां से हटाया था। इतना ही नहीं आयोग ने भोपाल में सुबह व शाम को काया्र्रलय में हाजिरी देने के भी निर्देश दिए थे। अब बताया जा रहा है कि शिरोमणि दुबे को फिर से शिवपुरी पदस्थ किया जा रहा है। फिलहाल डीपीसी का प्रभार जिला शिक्षा अधिकारी परमजीत सिंह गिल पर चल रहा है।
सद्गुरु बहुत से लोगों के लिए बहुत सारी भूमिकाओं में हैं – गुरु, रहस्यवादी, योगी, मित्र, ज्ञात (और अज्ञात) सभी विषयों पर सलाहकार, कवि, वास्तुशिल्पी... उनके बहुत से चेहरे, बहुत सारे आयाम हैं। मगर वह एक पिता और एक पति भी हैं। सद्गुरु बहुत से लोगों के लिए, बहुत अलग-अलग तरह से मायने रखते हैं – गुरु, दिव्यदर्शी, योगी, मित्र, बहुत से जाने-अनजाने विषयों के सलाहकार, कवि, आर्किटेक्ट...जाने कितने चेहरे, और कितने ही आयाम! परंतु वे एक पिता और पति भी हैं। आध्यात्मिक जागरण अनुभव के दो वर्ष बाद, उनकी भेंट अपनी पत्नी विजयकुमारी से हुई, जिसे स्नेह से विज्जी कह कर बुलाया जाता है। उनकी पहली भेंट, मैसूर में एक लंच के दौरान हुई, जहाँ वे एक अतिथि के रूप में गए थे। इसके बाद उनके बीच कुछ समय के लिए बहुत ही हार्दिक पत्रों का आदान-प्रदान हुआ। सन् 1984 की महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर, वे विवाह बंधन में बंध गए। सद्गुरु की योग कक्षाओं की दिनचर्या ज़ोरों पर थी और वे कार्यक्रमों के आयोजन के लिए पूरे दक्षिण भारत के दौरों पर रहते। विज्जी एक बैंक मे...

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