शिवपुरी। शिवपुरी में पदस्थ रहे डीपीसी और विवादास्पद अधिकारी शिरोमणि दुबे की शिवपुरी में फिर से पदस्थापना की तैयारी है। खबर है कि एक-दो रोज में शिरोमणि दुबे की शिवपुरी में डीपीसी बनाया जा सकता है। कोलारस उपचुनाव के समय कांग्रेस की शिकायत पर डीपीसी श्री दुबे को चुनाव आयोग ने यहां से हटा कर भोपाल पदस्थ किया गया था। कांग्रेस ने आरोप लगाए थे कि वह उपचुनाव में भाजपा के लिए काम कर रहे हैं और आरएसएस से संबंध होने के कारण वह खुलेआम भाजपा के लिए शिक्षकों की बैठकें करवा रहे हैं। इन आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने शिरोमणि दुबे को यहां से हटाया था। इतना ही नहीं आयोग ने भोपाल में सुबह व शाम को काया्र्रलय में हाजिरी देने के भी निर्देश दिए थे। अब बताया जा रहा है कि शिरोमणि दुबे को फिर से शिवपुरी पदस्थ किया जा रहा है। फिलहाल डीपीसी का प्रभार जिला शिक्षा अधिकारी परमजीत सिंह गिल पर चल रहा है।
दोस्तों ये कहानी है जापान के इंजिनियर और होंडा मोटर लिमिटेड (honda motor pvt. ltd. company) के संस्थापक Soichiro Honda की. होंडा का जन्म जापान में 1906 में हुआ. उन्होंने अपना शुरूआती जीवन अपने पिता के साथ बिताया जहाँ वे अपने पिता जो पेशे से लौहार थे को बाइसिकल रिपेयर बिजनेस में सहयोग करते थे. उनको बचपन से ही मोटर गाडियों में रूचि थी. उन्होंने ज्यादा पढाई नहीं की और 15 साल की उम्र में ही tokyo काम की तलाश में चले गए. 1928 मे ऑटोरिपेयर का बिजनेस शुरू करने वे वापिस घर लौटे. 1937 में होंडा ने छोटे इंजनो के लिए piston rings बनाई. वे इसे बड़ी कार निर्माता कंपनी TOYOTA को बेचना चाहते थे. शीघ्र ही उन्हें TOYOTA को पिस्टन रिंग्स सप्लाई करने का कॉन्ट्रैक्ट मिल गया लेकिन आवश्यक गुणवत्ता को प्राप्त न कर पाने के कारण उन्होंने ये कॉन्ट्रैक्ट खो दिया. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और इंजनो की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए वे विभिन्न कंपनीयों के मालिको से मिले ताकि बेहतर पिस्टन रिंग्स बना सके. जल्द ही उन्होंने ऐसा तरीका खोज निकाला जिससे बेहतर गुणवत्ता के पिस्टन रिंग्स तैयार हो ...

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