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Kuch baten jo chu jaye

Kuch baten jo chu jaye



          एक मैं हूँ कि समझ नही सका खुद को आज तक
और एक ये दुनियां वाले हैं जो न जाने मुझे क्या क्या समझ लेते है।
                   खुश रहने का सबसे सरल उपाय 
                     उम्मीद रब से रखो सब से नही
               कागज के नोटों से किस किस को खरीदोगे
किस्मत आजमाने के लिए आज भी सिक्का उछाला जाता है।
          ज़िन्दगी में ऐसे इंसान पर कभी भी जुल्म न करना
 जिसके पास फरियाद के लिए भगवान के अलावा कोई न हो।
    घर के अंदर जी भर के रोलो,पर दरबाजा हँस कर ही खोलो
क्योकि लोगो को ये पता लग गया कि तुम अंदर से टूट चुके होतो वो तुम्हे लूट लेंगे।
           बाल सफेद करने मे ज़िन्दगी निकल जाती है
                    काले तो आधा घंटे में हो जाते हैं।
       जब लोग आपकी बुराई करते हैं तो आप परेशान न हो
 वो लोग आपको महत्व देने का कोई औऱ तरीका नही जानते।
           रिश्ते मोके के नही भरोशे के मोहताज होते है।
            बहुत कमिया निकालते है दूसरों में अक्सर
         आओ एक मुलाकात जरा आईने से भी कर लो।
                    कैसे कह दू की थक गया हुँ मैं
                न जाने किस किस का होंसला हुँ मैं।
                मंज़िले भी ज़िद्दी है,रास्ते भी ज़िद्दी है
             देखते है कल क्या हो,होंसले भी ज़िद्दी हैं।
           किसी सहरा में महकता गुलिस्तां न हो जाऊं
             हर ऐब सुधार लू तो फरिस्ता न हो जाऊं।
                   वो बुलंदी किस काम की जनाब 
               इंसान चढे और इंसानियत उतर जाए।

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