Skip to main content

AAP ने शुरू की 2019के चुनाव की तैयारी, दिल्ली से दिलीप पांडे समेत इन तीन को मिल सकता है टिकट!

AAP ने शुरू की 2019 की तैयारी, दिल्ली से दिलीप पांडे समेत इन तीन को मिल सकता है टिकट!

नई दिल्ली : 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव सभी राजनीतिक दलों के लिए 'मछली की आंख' वाला लक्ष्य बने हुए हैं. बीजेपी ने इसके लिए बीते साल से ही मिशन 350 बनाकर तैयारी शुरू कर दी थी. बीजेपी को घेरने के लिए तमाम विपक्षी दल भी महागठबंधन का ताना-बाना बुन रहे हैं. इसके लिए कोई भोज का आयोजन कर रहा है तो कोई दिल्ली दौड़ लगाकर नेताओं को अपने पक्ष में करने की जुगत लगा रहा है. इन सब में दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी है, लेकिन इस बार 'आप' का फोकस पूरा देश ना होकर दिल्ली और कुछ राज्य ही रहेंगे.
पार्टी सूत्रों की मानें तो 'आप' ने लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों के नामों पर विचार करना शुरू कर दिया है. इससे पहले भी पार्टी ने अपने विधायकों को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा समय बिताने और जनता की समस्याओं को फौरन निपटाने को कहा था. कुछ विधायकों को तो अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी जाकर प्रचार-प्रसार करने को कहा गया था.
 दिल्ली में लोकसभा की 7 सीटें हैं और सातों पर ही बीजेपी का कब्जा है. 2014 के चुनावों में आप दूसरे स्थान पर रही थी. विधानसभा में 'आप' का पूरी तरह से कब्जा है. 70 सीटों वाली विधानसभा में विपक्ष के पास केवल 4 सीटें हैं, बाकि पर 'आप' का कब्जा है.
इन नामों पर चर्चा
पार्टी सूत्रों की मानें तो 'आप' अगले लोकसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों के नामों पर गौर कर रही है और आतिशी मार्लेना, राजीव चड्ढा और दिलीप पांडे को मुकाबले में उतारने पर विचार किया जा रहा है. 36 वर्षीया मार्लेना को पूर्वी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी चुनाव में उतार सकती है. वह उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की सलाहकार हैं. मार्लेना के अलावा राघव चड्ढा (29) को नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया जा सकता है, जबकि दिलीप पांडे (37) को उत्तरी पूर्वी दिल्ली से उतारा जा सकता है. इस सीट का प्रतिनिधत्व अभी दिल्ली भाजपा प्रमुख मनोज तिवारी कर रहे हैं. उत्तरी पूर्वी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र में पूर्वांचल क्षेत्र की बड़ी आबादी है. इनमें एक और नाम तेजी से आगे बढ़ रहा है, वह है विधानसभा की डिप्टी स्पीकर और विधायक राखी बिड़लान का.
'आप' के एक अन्य नेता ने बताया कि पार्टी ने लोकसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों पर विचार करना शुरू कर दिया है और इन नेताओं के नामों पर चर्चा चल रही है. हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि पार्टी ने उनका नाम तय कर लिया है. 

Comments

Popular posts from this blog

Story of HONDA company in hindi

दोस्तों ये कहानी है जापान के इंजिनियर और होंडा मोटर लिमिटेड (honda motor pvt. ltd. company) के संस्थापक Soichiro Honda की. होंडा का जन्म जापान में 1906 में हुआ. उन्होंने अपना शुरूआती जीवन अपने पिता के साथ बिताया जहाँ वे  अपने पिता  जो पेशे से लौहार थे को बाइसिकल रिपेयर बिजनेस में सहयोग करते थे. उनको बचपन से ही मोटर गाडियों में रूचि थी. उन्होंने ज्यादा पढाई नहीं की और 15 साल की उम्र में ही tokyo काम की तलाश में चले गए. 1928 मे ऑटोरिपेयर का बिजनेस शुरू करने वे वापिस घर लौटे. 1937 में होंडा ने छोटे इंजनो के लिए piston rings बनाई. वे इसे बड़ी कार निर्माता कंपनी TOYOTA को बेचना चाहते थे. शीघ्र ही उन्हें TOYOTA को पिस्टन रिंग्स सप्लाई करने का कॉन्ट्रैक्ट मिल गया लेकिन आवश्यक गुणवत्ता  को प्राप्त न कर पाने के कारण उन्होंने ये कॉन्ट्रैक्ट खो दिया. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और इंजनो की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए वे विभिन्न कंपनीयों के मालिको से मिले ताकि बेहतर पिस्टन रिंग्स बना सके. जल्द ही उन्होंने ऐसा तरीका खोज निकाला जिससे बेहतर गुणवत्ता के पिस्टन रिंग्स तैयार हो ...

KFC के मालिक कर्नल सैंडर्स की संघर्ष से सफलता की कहानी biography

कर्नल सैंडर्स की ये कहानी किसी के भी होश उड़ा देने के लिए काफी है| एक ऐसा इंसान जो जीवन भर संघर्ष करता रहा लेकिन अपने अंतिम दिनों में सफलता की एक ऐसी मिसाल पेश की जिसे सुनकर कोई भी दांतों तले उंगलियां दबा लेगा| जब वो 5 साल के थे तब उनके पिता का देहान्त हो गया  16 साल की उम्र में स्कूल छोड़ना पड़ा.  17 साल की उम्र तक उन्हें 4 नौकरियों से निकाला जा चुका था 18 साल की उम्र में ही शादी हो गयी ! 18 से 22 वर्ष की आयु तक कंडकटर की नौकरी की आर्मी में गए वहां से निकाल दिया गया Law स्कूल में दाखिला लेने गए, रिजेक्ट कर दिया लोगों के बीमा का काम शुरू किया – फेल 19 साल की उम्र में पिता बने 20 साल की उम्र में उनकी पत्नी उनको छोड़ के चली गयी और बच्ची को अपने साथ ले गयी एक होटल में बावर्ची का काम किया अपनी खुद की बेटी से मिलने के लिए उसे किडनेप करने की कोशिश की – फेल 65 साल की उम्र में रिटायर हो गए रिटायरमेंट के बाद पहले ही दिन सरकार की ओर से मात्र $105 का चेक मिला कई बार आत्महत्या करने की कोशिश की एक बार एक पेड़ के नीचे बैठ कर अपनी जिंदगी के बारे में लिख रहे थे तभ...

Holika Story होलिका दहन कथा

होलिका दहन से संबन्धित कई कथाएं जुडी हुई है. जिसमें से कुछ प्रसिद्ध कथाएं इस प्रकार है. कथाएं पौराणिक हो, धार्मिक हो या फिर सामाजिक, सभी कथाओं से कुछ न कुछ संदेश अवश्य मिलता है. इसलिये कथाओं में प्रतिकात्मक रुप से दिये गये संदेशों को अपने जीवन में ढालने का प्रयास करना चाहिए. इससे व्यक्ति के जीवन को एक नई दिशा प्राप्त हो सकती है. होलिका दहन की एक कथा जो सबसे अधिक प्रचलन में है, वह हिर्ण्यकश्यप व उसके पुत्र प्रह्लाद की है. हिरण्यकश्यप और प्रह्लाद होलिका दहन कथा (Hiranyakashyap and Prahlad Holika Story) राजा हिर्ण्यकश्यप अहंकार वश स्वयं को ईश्वर मानने लगा. उसकी इच्छा थी की केवल उसी का पूजन किया जाये, लेकिन उसका स्वयं का पुत्र प्रह्लाद भगवान विष्णु का परम भक्त था. पिता के बहुत समझाने के बाद भी जब पुत्र ने श्री विष्णु जी की पूजा करनी बन्द नहीं कि तो हिरण्य़कश्यप ने अपने पुत्र को दण्ड स्वरुप उसे आग में जलाने का आदे़श दिया. इसके लिये राजा नें अपनी बहन होलिका से कहा कि वह प्रह्लाद को जलती हुई आग में लेकार बैठ जाये. क्योकि होलिका को यह वरदान प्राप्त था कि वह आग में नहीं जलेगी. इस आदे...